
क्या है जनसभा जनसभा ? वह नहीं जो आप समझ रहें होंगे। यह है भ्रष्टाचार से संसदीय जनतंत्र को बचाने का वैचारिक क्रान्ति अभियान।जनतंत्र की प्राणवायु है- जन। जन समूह (मतदाताओं) द्वारा स्वयं की दशा, नेताओं का छलावा, लूटमार से निजात पाने हेतु सामूहिक चिंतनकर अपनी सकती का नाम है जनसभा।जनता अपनी सेवा के लिए चुनते हैं सेवक। यानि संसद, विधान मंडल हैं जनसेवको के सभा स्थल । सेवकों की सभाओं (निकायों, पंचायतों,राज्य सभा, लोकसभा, विधानसभा) में चोर, लुटेरों, हत्यारों बकात्कारिओं ने कब्जा जमा लिया। सेवकों को सुधारेगा कौन? स्वामी। यानि हम-आप (जनता) जनता की संसद (जनसभा) लाएगी वैचारिक क्रान्ति। IAC
"भ्रष्टाचार मिटाना है अब भ्रष्टाचार, जगाएं मन में शुद्ध विचार।करें हम तौबा तृष्णा से सभी के प्रति हो सद व्यवहार॥---------------------------------------------स्वारथ तृष्णा त्यागना अति दुस्तर सोपान ।फिर कैसे संभव यहाँ सदाचार परिधान॥सदाचार परिधान मान की अभिलाषा में।आँख फोड़ना उचित अठेनी परिभाषा में॥त्याग, तपस्या युक्त कठिन होता है सत्पथ।पूरा सिस्टम हेंग बनाता तृष्णा स्वारथ॥

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